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देवी अहिल्याबाई ने अपने जीवन में कई उल्लेखनीय कार्य किए: राघवेन्द्र सिंह
इंदौर. विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष की क्षमता से देवी अहिल्याबाई ने अपने जीवन में कई उल्लेखनीय कार्य किए और इसीलिए वे पूजी जाती हैं. हमें चाहिए की किसी भी परिस्थिति में घबराएं नहीं और दृढ इच्छा शक्ति से बाधाएं पार कर जीवन में कुछ कर गुजरने का माद्दा विकसित करें.
ये प्रेरणादायी विचार संभागायुक्त राघवेन्द्रसिंह ने देवी अहिल्या बाई की 223 वीं पुण्यतिथि पर पूरे माह चलने वाले कार्यक्रमों का शुभारम्भ करते हुए व्यक्त किए। अहिल्याश्रम स्कूल में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि माता – पिता और गुरू से प्राप्त संस्कार ही जीवन में सफलता दिलाते हैं और जीवन पर्यन्त काम आते हैं.
प्रारम्भ में संस्था के अध्यक्ष अशोक डागा ने एक माह तक चलने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी। अतिथियों का स्वागत सुधीर देडग़े, विनीता धर्म, अनिल भोजे, कमलेश नाचन, सरयू वाघमारे, संदीप दुबे, सुरेश बंसल, सुधीर दांडेकर आदि ने किया। अतिथियों का परिचय संयोजक माला ठाकुर ने दिया व संचालन वर्षा शर्मा ने किया. इस अवसर पर प्राथमिक दौर की वाद विवाद प्रतियोगिता भी संपन्न हुई।
कर्तव्यपथ से नहीं डिगी
विशेष अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष शंकर लालवानी कहा कि देवी अहिल्या बाई का जीवन हर दृष्टि से अनुकरणीय है। उन्होंने अपने जीवन में कई कष्ट सहे लेकिन अपने कर्तव्य पथ से कभी नहीं डिगी। आपने मूर्ति की वेदना को उसके पूजनीय होने का कारण बताते हुए कहा कि वेदना झेलने वाला ही सम्मान का अधिकारी होता है।


